इटावाउत्तर प्रदेशभरथना

करोड़ों की संपत्ति के स्वामी भगवान राम  एवम मां जानकी सुबह शाम की आरती व भोग के लिए तरस रहे हैं

करोड़ों की संपत्ति के स्वामी भगवान राम एवम मां जानकी सुबह शाम की आरती व भोग के लिए तरस रहे हैं
स्वामी शरण श्रीवास्तव


लखना (इटावा) स्थानीय कस्बा के ठाकुरान मुहाल स्थित श्री राम जानकी मंदिर में विराजमान भगवान राम एवम जानकी सहित अन्य देवी देवता सुबह शाम की आरती व भोग के लिए तरस रहे हैं तथा मंदिर में ताला लगा हुआ है
जानकारी करने पर लोगों द्वारा यह बताया गया है कि इस मंदिर के पास ग्राम व्यास पुरा में लगभग 30 बीघा जमीन जिसकी कीमत 18000000 से अधिक ग्राम खितौरा में 20 बीघा जमीन 12000000 महिपालपुर ग्राम में 20 बीघा जमीन कीमत लगभग 12000000 ग्राम पिलखना में 10 बीघा जमीन 6000000 लखना देहात में स्थित बाग कीमत ₹10000000 लखना कस्बे में बीच बाजार में स्थित 70 गुने 180 फुट व्यावसायिक जमीन जिसकी कीमत कई करोड़ रुपए है लेकिन इतनी जायदाद के स्वामी होने के बावजूद भी इस मंदिर में पूजा अर्चना के लिए न तो कोई पुजारी है और ना ही सुबह शाम की आरती व भोग की कोई व्यवस्था ही है | राम भक्त अशोक कुमार तिवारी एडवोकेट वह अजय प्रताप सिंह राठौड ने बताया कि यह मंदिर लखना के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है जो लगभग 300 वर्ष से भी ज्यादा पुराना है परंतु एक लंबे अरसे से मुकदमें बाजी में फंसे हुए इस मंदिर का कोई धनी धोरी नहीं है पूर्व चेयरमैन अशोक कुमार सिंह एडवोकेट ने बताया की इस मंदिर की व्यवस्था के लिए उनके पिता श्री राज बहादुर सिंह राठौड़ ने बहुत पहले पंडित बंशीधर दास को रखवाया था जिनके रहते इस मंदिर में भगवान राम और मां जानकी की पूरी पूजा व्यवस्था और भोग की व्यवस्था उनके द्वारा उनके जीवन पर्यंत की जाती रही है परंतु उनके निधन के बाद यह क्रम टूट गया कुछ दिनों तक मुन्नी लाल पाल द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना की गई थी परंतु उनके निधन के बाद यह मंदिर अनाथ सा हो गया है इधर कुछ अराजक तत्वों ने इस मंदिर से लगी जायदाद को हड़पने के लिए मुकदमा शुरू कर दिया जो आज भी माननीय एडीजे इटावा एवं माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लंबित है जिसकी पैरवी एडवोकेट अशोक कुमार तिवारी व अजय प्रताप सिंह राठौड़ कर रहे हैं जिनको बार-बार धमकियां भी मिल रही हैं कि इस मंदिर की जायदाद से दूर हट जाओ अन्यथा बुरा हाल होगा फलस्वरूप यह दोनों राम भक्त जी अब इस मंदिर की व्यवस्था से अलग हो गए हैं
अराजक तत्वों द्वारा खड़े किए गए मुकदमों में परगना अधिकारी भरथना द्वारा तहसीलदार भरथना को इसका रिसीवर नियुक्त किया गया है लेकिन राजस्व कार्यों से व्यस्तता के कारण भी वह पर्याप्त समय इस मंदिर की व्यवस्था के लिए नहीं दे पा रहे हैं श्री तिवारी द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2000 में इस मंदिर की लगभग 2500000 रुपए से अधिक की धनराशि तहसीलदार भरथना के खाते में जमा थी आज 22 वर्ष हो गए हैं यदि यही धन सही तरीके से रखा गया होता तो एक करोड़ नकद धन होता साथ ही यदि इस संपत्ति को प्रतिवर्ष किराए पर उठा दिया जाता तो आज बाजार की कीमत के अनुसार प्रतिवर्ष मंदिर को लगभग एक करोड रुपए की नकद धनराशि प्राप्त होती रहती जो इसकी व्यवस्था के लिए पर्याप्त थी इतना ही नहीं कस्बे के मध्य में स्थित दुकानों को यदि सही ढंग से किराए पर उठाया जाता तो प्रतिमाह हजारों रुपए किराया मिलता जो बहुत लाभकारी सिद्ध होता आज स्थिति यह है कि इन दुकानों के मूल किरायेदारों ने दूसरे किरायेदारों को पांच ₹5000 प्रतिमाह पर उठा दिया है जो पूरी तरह गैरकानूनी है| पूर्व चेयरमैन अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बिगत वर्ष मंदिर की छत टूट जाने से उसकी मरम्मत के लिए उन्होंने अपनी जेब से लगभग 40000 रुपये खर्च किये
लखना कस्बे के राम भक्तों की तहसीलदार भरथना परगना अधिकारी भरथना एवं जिलाधिकारी इटावा से मांग की है कि इस करोड़ों की संपत्ति के मालिक भगवान राम ब मां जानकी के सदियों पुराने मंदिर की व्यवस्था के लिए आवश्यक उपाय करें तथा इस मंदिर के जीर्ण शीर्ण स्थिति को देखते हुए इसके पुनरुद्धार की व्यवस्था करें ताकि ताले में कैद भगवान राम को व मां जानकी को मुक्त कराया जा सके और उनके आरती व भोग की समुचित व्यवस्था की जा सके|

Agency Lucknow

Sunshine samay agency Lucknow

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
%d bloggers like this: