सभी नगर निकायों में मच्छरजनित परिस्थिति को समाप्त करने के लिए अधिसूचना जारी - Sunshine samay सनशाइन समय

सभी नगर निकायों में मच्छरजनित परिस्थिति को समाप्त करने के लिए अधिसूचना जारी

 


सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्रा की रिपोर्ट


बस्ती । नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र में मच्छरो के लिए अनुकूल परिस्थिति पैदा करने वाले सरकारी, गैर सरकारी, निजी प्रतिष्ठान, संस्थान और गृह स्वामियों को जुर्माना देना होगा। उक्त जानकारी जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने दी है। उन्होने बताया कि महानिदेशक, चिकित्सा एंव स्वास्थ्य सेवाए द्वारा अवगत कराया गया है कि शासन द्वारा सभी नगर निकायों में मच्छरजनित परिस्थिति को समाप्त करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गयी है। इसका पालन कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। 

जिलाधिकारी ने नगर पालिका एवं नगर पंचायत के सभी ईओ को भेजे गये पत्र में निर्देशित किया है कि इस अधिसूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराये। इसे तत्काल प्रभाव से लागू करें। इसका उल्लघंन करने वाले संस्था एवं गृह स्वामी को नोटिस जारी करें। यदि निर्धारित समय सीमा में संस्था या गृह स्वामी द्वारा नोटिस में उल्लिखित निर्देशों का समय से पालन नही किया जाता है, तो सेवा शुल्क सहित लागत की वसूली सुनिश्चित कराये। उन्होने सभी सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं को पत्र भेजकर इसका अनुपालन कराने का निर्देश दिया है। 

उन्होने कहा है कि किसी भी स्थान पर रूका हुआ या बहता पानी नही होना चाहिए, जिसमें कि मच्छर पनपते हो। ऐसे स्थान को चिन्हित कर नगर पालिका या नगर पंचायत उस स्थान के स्वामी को 24 घण्टे के भीतर नोटिस जारी करेंगे, ताकि वे इसका निस्तारण करा सके और मलेरिया, डेगू, कालाजार या कोई भी संचारी रोग न हो सके। यदि वह ऐसा नही करता है, तो नगर पालिका स्वयं पानी निस्तारण की कार्यवाही करेंगी तथा वह इसके लिए सेवा शुल्क सहित लागत की वसूली करेंगी। 

जिले में आज से दस्तक अभियान शुरू हो गया, जो 25 जुलाई तक चलेगा। अभियान के दौरान आशा, आगनवाड़ी, एएनएम की टीम घर-घर जाकर 04 प्रकार की सूची तैयार करेंगी। इसमें प्रत्येक घर में बुखार पीड़ित, इन्फ्लूएन्जा लाइक बीमारी जैसे सर्दी, खासी, जुखाम, टीवी रोगी तथा कुपोषित बच्चों की सूची तैयार की जायेंगी। प्रत्येक घर पर भ्रमण के बाद टीम द्वारा स्टीकर भी लगाया जायेंगा। प्रत्येक बुखार रोगी एवं आईएलआई रोगी का इलाज निकट के सीएचसी या पीएचसी पर कराया जायेंगा। 

एसीएमओ डॉ0 फखरेयार हुसैन की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा की गयी। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा माह के पहले 10 दिनों में आशानुरूप अच्छा कार्य किया गया है, जो राज्य औसत से मिलान करने पर अधिक पाया गया। उन्होने निर्देश दिया कि सभी विभागीय अधिकारी पूरे माह अपने विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्यो का भी समीक्षा करते रहे। 

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ0 आईए अंसारी ने बताया कि इस वर्ष अभी तक जेई का कोई मरीज नही मिला है। एईएस का 09 मरीज पाये गये है, जिनका समुचित इलाज किया गया है। उन्होने बताया कि शासन के निर्देशानुसार तेज बुखार के मरीज के आवागमन के लिए 102 एंव 108 नम्बर की एंबुलेन्स प्रयोग में लाने की अनुमति प्रदान कर दी गयी है। 

उन्होने कहा कि जेई के लिए अब स्ट्रप टाइपस अधिक हानिकारक है। यह चूहों, छछुन्दर में चिपके रहते है और घरों में आने जाने के दौरान मनुष्य को काटते है, जिससे की उन्हें तेज बुखार और झटका आने लगता है। इसका इलाज भी जेई/एईएस के अनुसार किया जाता है। इसलिए झाड़-झाड़ियों की सफाई और चूहो-छछुन्दर से सुरक्षा अधिक आवश्यक है। तेज बुखार आने पर इसका इलाज निकट के सीएचसी/पीएचसी पर ही कराये।  

उन्होने बताया कि दूषित जल से भी वेक्टरजनित रोग होते है। इसलिए शुद्ध पेयजल पीने एंव खाना बनाने के लिए प्रयोग मे लाना अनिवार्य है। साथ ही 09 से 12 माह के बीच में पहला तथा 16 से 24 माह के बीच दूसरा जेई का टीका अवश्य लगवा लें। बैठक में पाथ से प्रशान्त कुमार, कृषि विभाग से अजय कुमार त्रिपाठी, उद्यान विभाग से आरबी मौर्या, शिक्षाधिकारी फैजान अहमद, सिचाई के सहायक अभियन्ता राजेश कुमार,  बाल विकास से सरिता मौर्या, राजेश पाण्डेय, प्रमोद कुमार, राजेश पाठक, शैलेन्द्र कुमार चौधरी, सुनील यादव, अविनाश चन्द्र, विजय कुमार, विनोद कुमार आदि उपस्थित रहें।

Next Post Previous Post
No Comment
Add Comment
comment url