आखिर घोटालेबाज सेक्रेटरी को कैसे मिली 8 ग्राम पंचायतों की कमान
सनशाइन समय महेंन्द्र सोनी
सुल्तानपुर।मोदी सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्रामीण अंचल स्वच्छ पेयजल योजना को जिम्मेदार अधिकारी ही भ्रष्टाचार का स्रोत बना लिए हुए हैं। दुबेपुर ब्लॉक के कटावां, अहिमाने, लाखीपुर, पलहीपुर, बहरौली, धम्मौर, हसनपुर समेत 8 ग्राम पंचायतों का प्रभार रसूखदार सेक्रेटरी को दिया गया है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में जमकर धांधली बरती गई है। 60% शौचालय निष्प्रयोज्य हैं या तो यह अधूरे हैं या इन पर छत नहीं लगी है। शौचालय ड्रेनेज के अभाव में ग्रामीण इनका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। आंकड़ों की सेटिंग के मुताबिक हैंडपंप रिबोर में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता बरती गई है। सूत्र कहते हैं 10 लाख से अधिक के खेल में संगीता पाल का नाम सामने आया है। हैरतअंगेज तथ्य यह है कि संगीता पाल के पति चंद्रभान पाल ही सेक्रेटरी की भूमिका में काम करते हैं। पत्नी घर पर आराम करती हैं और पति चंद्रभान का ताल्लुक सरकारी कर्मचारी के तौर पर नहीं होने के बावजूद सरकारी कामकाज निपटा रहे हैं। खंड विकास अधिकारी ए0पी0 सिंह दुबेपुर कहते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय निर्माण और हैंडपंप रिबोर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।