भुजंगासन से बढ़ाएँ शरीर का ऑक्सीजन लेवल-कुलदीप सिंह bastinews - Sunshine samay सनशाइन समय

भुजंगासन से बढ़ाएँ शरीर का ऑक्सीजन लेवल-कुलदीप सिंह bastinews


सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्रा की रिपोर्ट

वर्तमान समय मे कोरोना वायरस के संक्रमण से श्वसन तंत्र बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है जिससे शरीर में आक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता जाता है ऐसे में कुछ योगासनों को अपनी दिनचर्या में अपनाकर हम एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। भुजंगासन के लिए पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियों को जमीन पर टिकाते सांसों को भरते हुए धीरे धीरे कमर से आगे शरीर को ऊपर की ओर उठाते हुए ऊपर की ओर देखना है इस प्रकार पूरी कोहनी सीधी करके कमर नीचे व सीने को ऊपर की ओर रखना है। इसी स्थिति में 20 सेकेंड तक रुकना है पुनः सांस छोड़ते हुए वापस आ जायँ। इसी क्रिया को बार बार दोहरावें। इसे कम से कम तीन व अधिकतम 21 बार कर सकते हैं। इस दौरान प्रसन्नचित्त रहना चाहिए।
भुजंग आसन दमा व श्वसन तंत्र के रोगी को लाभदायी होता है तथा इससे शरीर मे ऑक्सीजन स्तर वृध्दि हो जाती है। गले में होने वाले रोग व महिलाओं को मासिक चक्र से जुड़ी समस्याओं में लाभ मिलता है। तथा प्रजनन सम्बन्धी रोग भी दूर हो जाते हैं साथ ही पीठ की हड्डी मज़बूत हो जाती है। कब्ज़ रोग दूर होता है, गैस की समस्या मिट जाती है।  
भुजंगासन करने से किडनी और लीवर स्वस्थ रहते हैं। और अगर किसी व्यक्ति को किडनी, लीवर या उदर से संबन्धित रोग हुए हों, तो भुजंग आसन करने से वह रोग दूर हो जाते हैं। यह आसन शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ता है। दर्द की तकलीफ रहती हों तो यह आसन नहीं करना चाहिए। झटका दे कर पीठ को और सिर को पीछे की और नहीं मोड़ना चाहिए।
हर्निया व अल्सर के रोगियों और गर्भवती महिलाएं भुजंग आसन का प्रयोग ना करें। महिलाएं मासिक चक्र के दौरान भी यह आसन अभ्यास ना करें। शरीर पर किसी भी प्रकार की शल्यचिकित्सा कराई हों तो यह आसन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें।
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