योग मानव जीवन के लिए वरदान स्वस्थ रहना हो तो योग प्राणायाम जरूरी- डॉ अखिलेश सिंह - Sunshine samay सनशाइन समय

योग मानव जीवन के लिए वरदान स्वस्थ रहना हो तो योग प्राणायाम जरूरी- डॉ अखिलेश सिंह

  सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्र की रिपोर्ट

बस्ती। विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के बैनर तले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर चल रहे साप्ताहिक योग वेबीनार के  सातवें दिन मंत्रोचार के द्वारा बहन डॉ वंदना त्यागी के माध्यम से आज के मुख्य अतिथि बस्ती जिला के सदर विधायक डॉ दयाराम चौधरी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
 वह एक बहुत बड़े सामाजिक कार्यकर्ता हैं बहुत ही सहज हृदय दिलवाले उन्होंने अपनी ओर से इस वेबीनार और योग और प्राकृतिक चिकित्सा में जुड़े हुए सभी लोगों का आभार प्रकट किया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आज के मुख्य वक्ता दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष डॉ डॉक्टर अखिलेश सिंह जी ने शरीर , मन और आत्मा पर बहुत ही सुंदर व्याख्यान दिया उन्होंने बताया कि किस प्रकार हम योग द्वारा शरीर ,मन और आत्मा की ऊर्जा और प्रतिरोधक क्षमता।को बढ़ा सकते हैं । उन्होंने ऊर्जा पर व्याख्यान देते हुए कहा हमारे शरीर में ऊर्जा के दो स्रोत हैं ,एक प्राकृतिक और एक आहार युक्त । दोनों ऊर्जा हमारे शरीर को इंटीग्रेट करते हैं और हमारे कार्य करने की क्षमता को बढाते हैं। विज्ञान के अनुसार गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा दोनों ऊर्जाओं का असंतुलन ही शरीर में रोग का कारण होता है। हम अपने शरीर ,मन और आत्मा को संतुलित रखने के लिए व्यायाम, प्राणायाम, और ध्यान के द्वारा अपने प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हुए आजीवन स्वस्थ रह सकते हैं । उन्होंने बताया हमारे अंदर तीन मुख्य तंत्र हैं कंकाल तंत्र ,तंत्रिका तंत्र और पेशीय तंत्र जिसको पूरी तरह योग प्राकृतिक चिकित्सा एक्यूप्रेशर चिकित्सा आयुर्वेद एवं ध्यान के द्वारा पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। आयुर्वेद हमारा आयु का विज्ञान है इसमें शरीर ,मन आत्मा, और इंद्रियां पूरी तरह जुड़ी हुई है और जिस शरीर का मन आत्मा और इंद्रियां प्रसन्न हो वह आदमी स्वस्थ कहलाता है। विश्व संवाद परिषद योग प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगाचार्य डॉ रमेश चंद्रा ने  ,,जिसने रचा है संसार , गीत की मनमोहक प्रस्तुति कर सभी को मंत्रमुग्ध किया।तत्पश्चात डॉ ए के वर्मा  सर ने अपना आशीर्वाद दिया एवं योग के प्रचार प्रसार के लिए यथासंभव मदद करने की बात भी कही। बहन किरण रावत जी द्वारा योग मुद्रा विज्ञान का विस्तृत चर्चा में हमारे उंगलियों पर स्थापित पंच तत्वों के माध्यम से वायु मुद्रा ,आकाश मुद्रा, अपान मुद्रा ,ज्ञान मुद्रा ,वायु अपान मुद्रा, सूर्य मुद्रा ,पृथ्वी मुद्रा का बखूबी व्याख्यान किया।
 युवा योगी रंजीत जी ने योगासनों का भरपूर प्रदर्शन किया उन्होंने अष्टांग  पोज ,वक्रासन, वक आसन ,योग मुद्रासन, मयूरासन हलासन, सर्वांगासन ,चक्रासन के अलावा बहुत से कठिन आसनों का अपनी कला द्वारा प्रदर्शन किया ,जो बहुत ही सराहनीय रहा। दिल्ली की महासचिव बहन वंदना त्यागी जी का संचालन बहुत ही सराहनीय रहा ,उन्होंने इन 7 दिनों में सभी का परिचय अपनी मनमोहक अंदाज में एवं स्वयं के ज्ञान से भी परिचित कराया। तत्पश्चात परिषद के राष्ट्रीय सचिव प्रोफेसर डॉ नवीन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व शांति दूत डॉ श्याम पचौरी जी का  स्वागत एवं जुड़े हुए लोगों का आभार व्यक्त किया ।और सभी को 21 जून को प्रातः 6:30 बजे दिए गए लिंक के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लेने की अपील की। उत्तर प्रदेश की अध्यक्षा एवं हम सब की बहन प्रोफेसर डॉ अर्चना दुबे जी ने अपनी कार्यकुशलता द्वारा इन 7 दिनों का वेबीनार बिना किसी अवरोध के बखूबी संपन्न कराया,उन्होंने बताया कि आगे भी हम लोग एक्युप्रेशर एवं अन्य विषयों पर अलग-अलग तरीके से वेबीनार के माध्यम से जन जन तक इस विज्ञान को पहुंचाएंगे और स्वास्थ्य लाभ कराएंगे। आज के वेबीनार में निर्मला पांडे ,क्षमा वर्मा ,कुंदन ,डॉ शिखा गुप्ता, डॉ सुमित सरिता पटेल आरती सारांश पुष्पा डॉ प्रीति बंसल, सुरेंद्र सैनी, डॉ सूर्यनाथ प्रजापति ,राजेश जी, अभिषेक, राम मोहन पाल,डॉ कुलदीप सिंह, सीमा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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