धरातल पर विकास नहीं सरकारी पैसे की बंदरबांट*।sultanpurnews
*धरातल पर विकास नहीं सरकारी पैसे की बंदरबांट*।
*ग्राम पंचायत में बिना कार्य कराए ही लाखों रुपए डकार गए प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक*।
*सन शाइन समय से अजय कुमार पांडेय की रिपोर्ट*
सुल्तानपुर- प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ चाहे जितने बड़े कदम उठा ले लेकिन मातहत है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगे हुए गांव के विकास के लिए आए हुए सरकारी पैसों को बंदरबांट करने में लगे हुए हैं शिकायत के बाद हुई ग्राम पंचायत की जांच में लाखों रुपए का घोटाला सामने आया है।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के विकासखंड कूरेभार की ग्राम पंचायत महमूदपुर गांव निवासी प्रदीप मिश्रा सरकार ने गांव के विकास के लिए आए सरकारी धन की वित्तीय अनियमितता की शिकायत जिलाधिकारी सुल्तानपुर से की थी।
ग्राम पंचायत में हुई वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच टीम गठित कर गांव भेजी। शिकायतकर्ता व गांव के लोगों की मौजूदगी में जांच टीम ने जब ग्राम पंचायत के विकास के कार्यों की जांच की तो पता चला जो कार्य ग्राम पंचायत में किए ही नहीं गए हैं उनका पैसा भी फर्जी बिल लगा कर तत्कालीन प्रधान जगन्नाथ यादव पंचायत सचिव शगुफ्ता शबनम तकनीकी सहायक संजय प्रताप श्रीवास्तव संयुक्त रुप से सरकारी धन की बंदरबांट कर ली। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 170 मीटर इंटरलॉकिंग वित्तीय वर्ष 2020-21 मनरेगा योजना के तहत 694408 रुपए स्वीकृत हुए थे जबकि मनरेगा के तहत541859 रुपये सामाग्री के लिए 24400 रुपये मिस्त्री पर 30150 खर्च दिखाकर कुल 596409 रुपये की बंदरबांट कर ली जबकि धरातल पर कोई इंटरलॉकिंग का कार्य नहीं हुआ है वहीं मनरेगा के तहत सामग्री पर 545949 रुपये श्रमिकों पर 27600 कुल 573549 रुपए निकाल लिए जबकि मौके पर 160 मीटर का कार्य मिला जिसकी अनुमानित लागत ₹63000 पाई गई इस तरह510549 रुपए का इसमें दुरुपयोग पाया गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 मनरेगा योजना के तहत 689475 रुपए का कार्य दिखा पैसा निकाला गया था स्थलीय निरीक्षण में कोई कार्य नहीं पाया गया।
खंड विकास अधिकारी कूरेभार संदीप सिंह ने बताया की बीते 29 मई को तत्कालीन ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है संतोषजनक जवाब न मिलने पर विधिक कार्यवाही की जाएगी। पूरे मामले को उच्च अधिकारियों से अवगत करा दिया गया है।