कोरोना को खत्म करने के लिए मुसलमान कर रहे ये काम - Sunshine samay सनशाइन समय

कोरोना को खत्म करने के लिए मुसलमान कर रहे ये काम

जिला सम्वाददाता-विजयेन्द्र तिमोरी,

● कोरोना संकट-ईदगाहों में नही कराई गई साफ-सफाई,

● कोविड के तहत मस्जिदों में अदा हुई ईद उल अजहा की नवाज,


भारत मे कोरोना वायरस के चलते मुस्लिम भाइयों ने ईद उल अजहा की मुबारक नवाज कोविड-19 नियमो का पालन करते हुए मात्र आधा सैकड़ा लोगों ने ही मस्जिदों में नवाज अदा की है। शेष मुस्लिम बंधुओं ने शासन से जारी कोरोना-19 गाइड लाइन का पालन करते हुए अपने अपने घरों में ही ईद उल अजहा की नवाज अदा की है। 

भरथना कस्बा में जवाहर रोड़ स्थित बड़ी जमा मस्जिद में मौलाना फईम रजा व हाफिज मोहम्मद अजीम ने जबकि मोहल्ला सरांय स्थित छोटी जमा मस्जिद में हाफिज मुजफर हुसैन ने शासन के आदेश का पालन करते हुए कोविड-19 के तहत 50- 50 मुस्लिम बन्धुओं को ही नमाज अदा कराई है। 

छोटी जमा मस्जिद से ईद उल अजहा की नमाज अदा कर एक दूसरे के गले लगाकर ईद मुबारक की बधाइयां देते हुए भरथना के मुस्लिम समाजसेवी हाजी हारून मुसनी,कयामुद्दीन अलवी,मोम्मद हनीफ फारुखी,रईस वारसी अन्ना,गौस मोहम्मद  फारुखी,सभासद निहलुदीन,मोहम्मद वकील लारा,जावेद खान गुरुजी,असरत अव्वशी,शाहिद खान आदि मुस्लिम बन्धुओं ने बताया कि ईद उल अजहा की नमाज में आज सभी मुस्लिम बन्धुओं ने भारत मे फैले कोरोना संकट के खात्मे के लिए दुआ मांगी गई है। 

जिसके उपरान्त मुस्लिम बन्धुओं ने अपने अपने घरों पर बकरा कुर्बानी की रस्म अदा कर ईद उल अजहा की एक दुसरो को मुबारक बाद की बधाइयां देने लेने का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं ईद उल अजहा की नवाज और त्यौहार को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी मुस्तैदी से कस्बा की सभी मस्जिदों व मुस्लिम बस्तियों के आसपास बने रहे। जबकि मुस्लिम के महापर्व पर ईदगाहों पर पढ़ी जाने बाली ईद की विशेष नवाज कोरोना संकट के चलते और शासन के आदेश का पालन करने के कारण ईदगाहों पर नही पढ़ी जा सकी। जिसके कारण ईदगाहों की साफ-सफाई भी करना मुनासिफ नही हो सका।

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