अनुपयोगी वस्तुओं के प्रबन्धन पर कार्यशाला आयोजित की गयी - Sunshine samay सनशाइन समय

अनुपयोगी वस्तुओं के प्रबन्धन पर कार्यशाला आयोजित की गयी

 अनुपयोगी वस्तुओं के प्रबन्धन पर कार्यशाला आयोजित की गयी

संवाददाता-रिचा तिवारी                     

इकदिल, इटावा- कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा के अन्तर्गत जन शिक्षण संस्थान ने मंगलवार को ग्राम नगला दलप में अनुपयोगी वस्तुओं का प्रबंधन विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि नमिता तिवारी, विशिष्ट अतिथि समाजसेवी डॉ.सुशील सम्राट (सभासद) व क्षेत्र पंचायत सदस्य आलोक कुमार एवं संस्थान निदेशक हरिनारायण बाजपेयी ने किया। मुख्य अतिथि सुश्री नमिता तिवारी ने प्रशिक्षार्थियों को स्वच्छता सम्बन्धी विचारों से अवगत कराते हुए घर में अनुपयोगी वस्तुओं का साज सज्जा प्रयोग में उपयोग बताया कि बेकार चीजों का फिर से इस्तेमाल करना और उसमें से नई चीजें बनाना आर्ट फॉर्म वेस्ट है। आप इन बेकार और दुरुपयोगी चीजों से कुछ क्रिएटिव और उपयोगी चीजें बना सकते हैं। इसके लिए हमें मेहनत की जरूरत है। घर में पड़ी हर चीज एक समय तक उपयोग में रहते है उसके बाद वह आपके लिए बेकार हो जाती है। वहीं कई बार कुछ चीजें गिर कर टूट जाती है तो हम उन्हें फेंक देते है । लेकिन थोड़ी मेहनत कर आप डेकोरेट कर सकते हैं । इसमें आपका अधिक खर्च भी नही आएगा साथ ही बेकार चीज की लाइफ टाइम भी बढ़ जाएगी। विशिष्ठ अतिथि समाजसेवी डॉ.सुशील सम्राट ने कहा कि हम बेकार चीजों से बहुत सारी उपयोगी चीजें बना सकते हैं और इन चीजों का उपयोग करके अपने घर को सजा सकते हैं। आप अपने बच्चों के लिए खिलौने जैसी चीजें बना सकते हैं। जब हम बेकार चीजों का सही तरीके से उपयोग करते हैं तो यह हमारे और हमारे आसपास के लिए बहुत अच्छा रहता है। यह आपके घर में बने कचरे को कम करने का एक अच्छा तरीका है और इसे स्वच्छता भी बनी रहेगी।संस्थान के निदेशक हरि नारायण बाजपेयी ने कहा कि घर में बहुत सारा सामान ऐसा होता है, जिसे हम बेकार समझ कर कबाड़ में फेक देते हैं लेकिन शायद आप नहीं जानते कि घर में प्लास्टिक की बोतलों से लेकर मैगजीन तक का सामान किसी न किसी काम में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। कबाड़ से जुगाड़ में अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग हो जाता है और स्वच्छंद वातावरण बना रहता है। कार्यशाला में जय शिव मिश्र, रवीन्द्र चौहान, स्नेह कुमार, चंदन पोरवाल, संदीप, राम नारायण, इंदू, कमल किशोर के साथ लगभग 78 प्रशिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया।

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