भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी माध्यमिक विद्यालयों की ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया
- संयुक्त शिक्षा निदेशक ने एनओसी के अभाव में 16 में से 13 पत्रावली निरस्त की
- माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधि मंडल संयुक्त शिक्षा निदेशक से मिलकर वस्तु स्थिति से अवगत कराया
सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्रा की रिपोर्ट
माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। मुँह माँगा रिश्वत ना दे पाने के कारण अधिकांश विद्यालयों के प्रबन्धक व प्राधिकृत नियंत्रकों ने शिक्षकों को अनापत्ति प्रमाण पत्र नही दिया। जिसके कारण आवेदन करने वाले 16 शिक्षकों में से 13 की पत्रावली संयुक्त शिक्षा निदेशक ने निरस्त कर दी है। मामले को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ के मण्डलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने अपने तेवर सख्त किये है,और संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी से मिलकर आपत्ति दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संत कबीरनगर जनपद से अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के अध्यापकों का ऑनलाइन स्थानांतरण होना है। जिसके तहत किसान इंटर कॉलेज सिकटहा के लालती देवी, उदय भवन शर्मा, हीरालाल इंटर कॉलेज से मृत्युंजय प्रसाद मिश्रा, बृजेश कुमार सिंह, डीएवी इंटर कॉलेज मेहदावल से हरिकेश कुमार वर्मा, सदानंद यादव, अखिलेश कुमार मौर्या, जनता इंटर कॉलेज धर्मसिंहवा से विनोद कुमार उपाध्याय किरण वर्मा, कृषक औद्योगिक पाल इंटर कॉलेज हरिहरपुर से मुमताज अहमद, रमेश चंद, पिंटू, जगतगुरु शंकराचार्य इंटर कॉलेज मेहदावल से जयप्रकाश सिंह, लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज टुमपार से बिंदु देवी, वेणीमाधव इंटर कॉलेज बखिरा से अभिषेक त्रिपाठी व श्री सीताराम इंटर कॉलेज सिरसी से मिथिलेश कुमार त्रिपाठी ने आवेदन किया था।
आरोप है कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने इन आवेदन पत्रों का सघन परीक्षण नहीं किया और बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र व सेवा पुस्तिका की छाया प्रति की पत्रावली संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में प्रेषित कर दी। संयुक्त शिक्षा निदेशक बस्ती ने परीक्षण के उपरांत धर्मसिंहवा के इ विनोद उपाध्याय, किरण वर्मा व सिरसी के मिथिलेश कुमार त्रिपाठी की पत्रावली स्वीकृत कर दी, और शेष 13 पत्रावली अनापति प्रमाण पत्र व सेवा पुस्तिका की छाया प्रति न होने के कारण निरस्त कर दी।
मंडलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि रिश्वत ना मिलने के कारण विद्यालय में तैनात प्राधिकृत नियंत्रक व प्रबंधकों ने शिक्षकों को एनओसी नहीं दी है। एनओसी दिलवाना जिला विद्यालय निरीक्षक की जिम्मेदारी थी,लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया।
संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल को बताया कि पत्रावली में एनओसी नहीं लगी थी, जिसके कारण मजबूरी में हमें पत्रावली निरस्त करनी पड़ी। हम अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक से समय मांगे हैं यदि समय मिल गया तो पत्रावली में अनापत्ति प्रमाण पत्र को पुनः सम्मिलित करा दिया जाएगा।
