सरकारी व ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार दर्ज हो शहीदों की शहादत: कालीशंकर
रवि सिंह ब्यूरो चीफ गोरखपुर
उपेक्षा से आहत चौरी चौरा के शहीदों के परिजन बैठे धरने पर
गोरखपुर समाजवादी पार्टी के नेता कालीशंकर चौरी चौरा के शहीदों परिजनों के साथ धरने पर बैठे व उपजिला अधिकारी चौरी चौरा अनुपम मिश्र को ज्ञापन देकर चौरी चौरा के शहीदों व उनके परिजनों को सम्मान देने की मांग की।
शनिवार को चौरी चौरा शहीद स्मारक पर शहीदों के परिजनों के साथ धरने पर बैठे श्री शंकर ने
कहा कि आज दुर्भाग्य है जहां एक तरफ सरकार चौरी चौरा जन विद्रोह का शताब्दी वर्ष मना रही है और वहीं दूसरी तरफ शहीदों के परिवार को अपनी उपेक्षा के विरोध में धरने पर बैठना पड़ा है।
उपजिला अधिकारी चौरी चौरा अनुपम मिश्र दिए ज्ञापन में
मांग की गई कि तत्काल ही एक जांच कमेटी गठित की जाय कि शहीदों के नाम व उनकी वल्दियत के साथ किसके आदेश पर और क्यों दोषपूर्ण व अपूर्ण लिखा गया है। अतिशीघ्र ही शहीदों के नामों को व उनके वल्दियत को सही व पूर्ण रूप से लिखा जाए। शहीद स्मारक पर सफेद संगमरमर के पत्थरों की जगह लाल पत्थर लगाकर मूल स्वरूप के साथ किसके आदेश पर और क्यों छेड़छड़ किया गया। जल्द से जल्द लाल पत्थर की जगह सफेद पत्थर पूर्व की भांति लगाकर मूल स्वरूप के रूप को दर्शाया जाए।
स्मारक के अंदर शिलालेखों पर ऐतिहासिक तथ्यों में वास्तविक घटनाक्रम को गलत ढंग से मनमाना पूर्ण लिखा गया है जांच कराकर सही किया जाए। शहीद कोमल पहलवान (सहुआकोल) का कहीं भी शहीद स्मारक पर कोई उल्लेख नहीं है जबकि विभिन्न प्रमुख इतिहासकारों द्वारा विभिन्न प्रमाणित लेखो व किताबों में इनका जन विद्रोह में उल्लेख है। इनके नाम को भी अंकित कर योगदान को दर्शाया जाए। इस दौरान शहीद लाल मोहम्मद, शहीद अब्दुल्ला, शहीद विक्रम अहिर, शहीद रुदौली केवट, दुधाई भर के परिवार से क्रमशः मैनुद्दीन व सरफराज, सौदागर व अख्तर, सारदानंद यादव, रामबचन निषाद, मुसाफिर राजभर, कमला राजभर, संदीप राजभर, जयप्रकाश यादव, संजय गौत, मुन्ना खान, कलामुद्दीन, पिंटू पासवान, एड. रंजीत कुमार, शहादत आदि उपस्थित रहे।
