बहना ने भाई की कलाई पर राखी बाधी
*रक्षाबंधन का अपना एक अलग महत्व है*
*भाई बहन के अटूट विश्वास का रक्षक सूत्र का प्रतीक है रक्षाबंधन*
सनशाइन समय से अशोक शुक्ल की खास रिपोर्ट
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सुलतानपुर। भारत त्योहारों का देश है और इसके प्रमुख त्योहारों में से एक है रक्षाबंधन। इस दिन सभी बहनेंं अपने भाइयों को राखी बांधती हैं, चाहे उनका भाई उनसे उम्र में छोटा हो या बड़ा। इस दिन सभी उम्र के भाई अपनी बहनों से राखी बंधवाने के बाद उन्हें वचन देते हैं कि वे हर परिस्थिति में उनकी रक्षा करेंगे।हर साल रक्षाबंधन के त्योहार का सभी बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन भाई जहां कहीं भी हो, वे अपनी बहन से मिलने और उनसे राखी बंधवाने उनके पास पहुंच ही जाते हैं। मौका और भी खास हो जाता यदि बहन की शादी हो चुकी हो और वह दूसरे किसी शहर में रहती हो। ऐसे में तो इस त्योहार का इंतज़ार महीनों पहले से ही शुरू हो जाता है। कई दिनों पहले से बहन को ससुराल से मायके लाने की तारीख निश्चित कर ली जाती है।रक्षाबंधन का त्यौहार अपने आप में अलग महत्व रखता है बहनें भाइयों की कलाइयों पर रक्षा हेतु सूत्र बांधते हैं रक्षाबंधन त्यौहार पर इस बार धनिष्ठा नक्षत्र और शोभन योग में रहा जो शुभ संकेत माना जाता है इस बार दो विशेष मुहूर्त का योग भी संबंधों में प्रगाढ़ता के भी संकेत रहे । सुल्तानपुर जनपद में भी बड़ी ही धूमधाम से रक्षाबंधन त्यौहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया जनपद में मिठाइयों की दुकानें गुलजार रही। तरह-तरह की मिठाइयां तरह-तरह की रक्षा सूत्र बाजारों में उपलब्ध रहे।बच्चे भी राखी के त्योहार के लिए बहुत उत्साहित रहे यह दिन भाई-बहन के बीच प्रेम के अटूट रिश्ते को दर्शाता है। इस दिन सभी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, उन्हें मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा करती हैं और अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। राखी बांधने से पहले उनकी आरती उतारने के लिए सुंदर सी थाली सजाती हैं। भाई भी राखी बंधवाने के बाद अपनी बहनों को वचन देने के साथ ही कोई तोहफा व लिफाफा भी देते हैं। इसी तरह हंसी-ठिठोली के बीच परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर राखी के त्योहार को मनाते हैं। गांव कस्बे मे दुकाने सजी रही लोगो ने सौंदर्य वातावरण मे रक्षाबंधन त्यौहार को मनाया ।