सांसद रवि किशन ने रेलमंत्री से की टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा देने की मांग
रवि सिंह ब्यूरो चीफ सनशाइन समय गोरखपुर
टीटीई को अंग्रेजों के जमाने की सजा से मुक्ति की उम्मीद
गोरखपुर आजादी के बाद से टिकट चेकिंग स्टाफ ने रनिंग स्टाफ का दर्जा दिए जाने को लेकर कई बार आंदोलन किया। वर्तमान में इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गनाइजेशन के बैनर तले देशभर के टीटीई इस आंदोलन में शामिल हैं।
अंग्रेजों के जमाने की सजा से मुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनकी मांग को जायज मानते हुए 132 सांसदों ने समर्थन भी दिया है दरअसल, क्रांतिकारियों को ट्रेन में सीट के नीचे छिपाकर ले जाने का दोषी मानते हुए ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1931 में टीटीई से रनिंग स्टाफ का दर्जा छीन लिया था। पाकिस्तान और बांग्लादेश ने वर्ष 1962 में दर्जा बहाल कर दिया, मगर भारतीय रेलवे के 17 जोनों में कार्यरत 36,700 अधिक टिकट चेकिंग स्टाप है टीटीई आज भी अंग्रेजों द्वारा दी गई सजा भुगत रहे हैं। सिर्फ चालक, परिचालक और गार्ड को ही रनिंग स्टाफ का दर्जा है गोरखपुर से सांसद भोजपुरी फिल्म अभिनेता रविकिशन शुक्ला ने रेलमंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा पुनः बहाली की मांग की है। सांसद श्री किशन के उठाये कदम की आईआरटीसीएसओ से जुड़े टीएन पण्डेय सहित पदाधिकारियों ने खुशी व्यक्त किया है
आईआरटीसीएसओ के संरक्षक व सांसद श्री शुक्ला ने रेलमंत्री को पत्र लिखने के साथ ही फोन से वार्ता कर टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा बहाली की मांग की। जैसा कि पूर्व में इस स्टाफ को मिला था। जिसपर रेल मंत्री ने सांसद शुक्ल को आश्वासन दिया कि टिकट चेकिंग कर्मियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
*कोविड 19 में टीटीई कर्मियों ने अनूठी देश सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है टी एन पान्डेय*
आईआरटीसीएसओ संरक्षक गोरखपुर जोन के
टी एन पान्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय विपदा कोविड 19 में टीटीई कर्मियों ने अनूठी देश सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारत सरकार एवं रेल मंत्रालय इसका संज्ञान लें एवं रेलों में कार्यरत टीटीई टिकट चेकिंग स्टाप के जायज मांगों का प्राथमिकता के साथ सकारात्मक निपटारा करें।
*अंग्रेजों की दी गई सजा भुगत रहे टीटीर्इ पवन कुमार राय*
इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय ज्वाइन्ट सेक्रेटरी पवन कुमार राय ने कहा कि भारतीय रेलवे के 17 जोन में कार्यरत 36,700 हजार टीटीई कार्यरत है, जो अंग्रेजों की दी गई सजा भुगत रहे है। इसे लेकर जोरदार आंदोलन किया जाएगा साथी टीटीई भाई को आंदोलन शामिल होने की अपील करेंगे, ताकि हमें इस दंश से बाहर निकाला जा सके
*टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों की सहायता एवं सुख-सुविधा के अनेक कार्य करता है.रितेश विशाल*
आईआरटीसीएसओ के जोनल महामंत्री रितेश विशाल ने बताया कि रेलवे के विकास में टिकट चेकिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका है. रेलवे के राजस्व वसूली के साथ ही टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों की सहायता एवं सुख-सुविधा के अनेक कार्य करता है. आपदा के समय यात्रियों की मदद करने में चेकिंग स्टाफ हमेशा अग्रणी रहा है.
इस वक्त भारतीय रेल में करीब 36,700 से अधिक टिकट चेकिंग स्टाप है पिछले पांच दशकों से टिकट चेकिंग कर्मियों को रनिंग स्टाफ में शामिल करने के लिए रेल मंत्री से लिखित मांग कर रही है। पर, आश्वासन के सिवाय इन्हें आज तक कुछ नहीं मिला।
*रनिंग स्टाफ घोषित होते ही मिलेंगी ये सुविधा*
- लोको पायलट-गार्ड की तरह बेसिक वेतन का 30 फीसदी अधिक मिलेगा.
-लोको पायलट-गार्ड की तरह टिकट चेकिंग स्टाफ को भी लगातार 8-10 घंटे ही कार्य करना पड़ेगा
- गार्ड-ड्राईवर की ही तरह अधिक पेंशन मिलेगी. गार्ड-ड्राइवर को 8000 रुपये तक अधिक पेंशन मिलती है.
- ड्राइवर-गार्ड की तरह ही वातानुकूलित रेस्ट रूम, खाना बनाने के लिए कुक, समय पर जगाने के लिए कॉलमैन आदि की सुविधाएं मिल सकती हैं.
