स्टाफ नर्स ने दिया ओवरडोज दस मिनट में बच्चे की निकल गई जान, मामला पहुंचा स्वास्थ्य मंत्रालय - Sunshine samay सनशाइन समय

स्टाफ नर्स ने दिया ओवरडोज दस मिनट में बच्चे की निकल गई जान, मामला पहुंचा स्वास्थ्य मंत्रालय

 


सनशाइन समय बस्ती से मनीष मिश्रा की रिपोर्ट

बस्ती। जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स ने मासूम  9 माह के मासूम बच्चे की जिंदगी से किया खिलवाड़ ले ली मासूम की जान जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड मे 19 तारीख  बहस्पतिवार को स्टाफ नर्स की लापरवाही के चलते 9 माह के बालक की मौत हो गयी। बच्चा लूज मोषन की समस्या से ग्रसित था। जब बच्चा सीरियस था उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता थी तब वार्ड की सभी स्टाफ चाय-नाष्ता पर मशगूल रहीं। मेडिकल स्टाफ की यह गंभीर लापरवाही मासूम के जान पर भारी पडी। इस घटना से बच्चे की मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। हलांकि कि इस सम्बन्ध मे बच्चे के पिता भैरोपुर थाना कलवारी जनपद बस्ती निवासी आसिफ के शिकायती प्रार्थना पत्र पर प्रमुख अधीक्षक डा0 आलोक वर्मा ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर एक सप्ताह के भीतर जांच रिर्पोट देने का निर्देष दिया है। मिली जानकारी के अनुसार कलवारी थाना क्षेत्र के भैरोपुर गांव निवासी आसिफ अपने 9 माह के बच्चे की तबियत खराब होने के कारण जिला अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड मे बहस्पतिवार को दोपहर मे भर्ती कराया। बच्चे को लूजमोषन की शिकायत थी। बच्चे के पिता ने डा0 वी0पी यादव के परामर्श पर दोपहर 12 बजे भर्ती कराया। बच्चे की हालत काफी गंभीर थी। पीड़ित पिता के अनुसार तैनात स्टाफ नर्स से अनुरोध करने के बाद भी बच्चे का इलाज शुरू नही किया गया। सभी लोग चाय नाश्ते मे बिजी रहे। इसकी शिकायत आसिफ ने चिकित्सक से कर दी। जिसपर चिकित्सक वी0पी0 यादव ने मेडिकल स्टफ को बच्चे की खराब स्थित को बताते हुए तत्काल इलाज शुरू करने को कहा। आरोप है कि इससे गुस्साए मेडिकल स्टाफ ने बच्चे को फुलडोज इंजेक्षन लगा दिया। जिससे बच्चे की कुछ ही समय मे मौत हो गयी।इस सम्बन्ध मे मुख्य विकास अधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच कर जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके ऊपर सख्त कारवाई करने का आश्वासन दिया। प्रमुख अधीक्षक डा0 आलोक वर्मा प्रकरण ने तीन सदस्य टीम का गठन कर एक सप्ताह के भीतर रिर्पोट मांगी गयी है।

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