चालू वित्त वर्ष में भारत के हीरा पॉलिश उद्योग का राजस्व 30-35 प्रतिशत घटकर 14-15 अरब डॉलर रह जाएगा।
रामकिशोर सिंह ब्यूरो रिपोर्ट सनशाइन समय
सूरत 20 अक्टूबर रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत के हीरा पॉलिश उद्योग का राजस्व 30-35 प्रतिशत घटकर 14-15 अरब डॉलर रह जाएगा।
क्रिसिल ने एक रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन से मांग में कमी होने से ऐसा होने की आशंका है। भारत के पॉलिश हीरे के निर्यात में इन तीन भौगोलिक क्षेत्रों का हिस्सा करीब 75 प्रतिशत है।
क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक राहुल गुहा ने कहा, ‘‘इजराइल भारत से सालाना 1.25 अरब डॉलर मूल्य के तराशे हुए हीरों का आयात करता है। लेकिन अब इजराइल के फलस्तीनी आतंकी समूह हमास के खिलाफ संघर्ष में उलझने से यह आंकड़ा खतरे में पड़ सकता है।’’
उन्होंने कहा कि हर वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ‘थैंक्सगिविंग’, ‘क्रिसमस’ और ‘चीनी नव वर्ष’ जैसे उत्सवों से तराशे हुए हीरे की मांग में कुछ वृद्धि होती है, लेकिन इस बार इससे कोई खास भरपाई होने की संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में हम देखते हैं कि भारतीय हीरा उद्योग इस वित्तीय वर्ष में सालाना आधार पर एक तिहाई से अधिक सिकुड़ रहा है।’’
क्रिसिल ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती के बीच तराशे हुए हीरों की मांग पिछले वित्त वर्ष से कमजोर होने लगी है, जिससे 25 प्रतिशत की गिरावट आई है।
हालांकि रूसी खनन कंपनी अलरोसा पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद कच्चे हीरों की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने से हीरे की कीमतों को समर्थन मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पॉलिश हीरे की कीमत पिछले वित्त वर्ष में सालाना आधार पर औसतन 10 प्रतिशत बढ़ी थी।
क्रिसिल ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2023-24 में न केवल प्रमुख बाजारों में मांग में गिरी है बल्कि कच्चे हीरे की आपूर्ति में भी कोई व्यवधान नहीं आया है।’’
इसके परिणामस्वरूप, कच्चे हीरे की कीमतों में गिरावट आई है और तराशे हुए हीरे 10-15 प्रतिशत तक सस्ते हो गए हैं।
