आरक्षण प्राप्त जनप्रतिनिधि-नौकरशाह बाबा साहब के संघर्षों को लगा रहे हैं पलीता-डीएसपी
आरक्षण प्राप्त जनप्रतिनिधि-नौकरशाह बाबा साहब के संघर्षों को लगा रहे हैं पलीता-डीएसपी
● डॉ०अम्बेडकर के संघर्षों की बदौलत मिले मान सम्मान में भूले पूर्वजों पर हुए अत्याचार-एस एन चक
देश शक्ति पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष रिटायर्ड डीजी पुलिस एस एन चक ने कहा है कि उन लोगों को क्या नाम दिया जाए जो बाबा साहब डॉ०भीमराव अम्बेडकर के संघर्ष से प्राप्त आरक्षण की बदौलत पढ़ लिख लेने के कारण सरकारी नौकरियां पा लेते हैं और आरक्षित सीटों से सांसद,विधायक, मेयर,पार्षद,जिला पंचायत अध्यक्ष,सदस्य, नगर पालिका अध्यक्ष,सभासद,ब्लाक प्रमुख,क्षेत्र पंचायत सदस्य,ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य आदि जनप्रतिनिधि बन जाते हैं,लेकिन ये नौकरशाह और जनप्रतिनिधि अपने व्यक्तिगत सुख साधनों और अपनी सत्ता की हनक में अपने पिछड़ों,दलितों के लिए आवाज उठाने के बजाय पिछड़ों-दलितों के हितों के दुश्मनों के तलवे चाटने में लग जाते हैं ।
देश शक्ति पार्टी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर-प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रहे एस एन चक ने बीते दिन पत्रकारों से एक भेंट में कहा है कि जो सुबह-शाम मूर्ति पूजा तो करते हैं परन्तु जिनकी वजह से उन्हें सब कुछ मिला उन बाबा साहब डॉ०भीमराव अम्बेडकर की फोटो लगाने और उन्हें आदर सम्मान देने में आज भी झिझकते हैं। ऐसे लोग पाखण्डियों के हाथों की कठपुतली तो बन जाते हैं और उनको सर पर भी बैठा लेते हैं लेकिन पिछड़ों दलितों के साथ चलने में और उनको एकजुट करने में इन्हें शर्म आती है। जो जय श्रीराम,राधे-राधे,बम भोले,जय बजरंग बली आदि के जयकारे लगाते हुए इन सबकी भक्ति में लीन रहते हैं लेकिन जय भीम बोलने में ऐसे लोगों की जुबान पर ताला लग जाता है।
जो लोग मन्दिर,मूर्तियाँ बनवाने और स्थापना कराने में ऐसे बढ़ चढ़ कर आगे आते हैं मानो इनसे ही पिछड़ों दलितों के बच्चों को शिक्षा,रोजगार,खुशहाली,सम्मान मिल जाएगा और पिछड़ों दलितों की बहू बेटियों की बेइज्जती,बलात्कार रुक जाएंगे और पिछड़ों दलितों को पाखण्डी अपने बराबर समझने लगेंगे ।
डीएसपी अध्यक्ष ने बताया कि सच्चे अर्थों में जो भी इन्सान होगा वह ऐसे लोगों को अहसान फरामोश,गद्दार,कमअक्ल और कायर ही कहेगा। उन्होंने कहा है कि देश मे हम पिछड़े दलित 85 प्रतिशत होने के बावजूद भी प्रजातंत्र में हम 85 प्रतिशत शासक बनने से कोसों दूर हैं,आखिर क्यों ? और मात्र 15 प्रतिशत मुट्ठी भर लोगों के गुलाम आखिर क्यों हैं ? जबकि हम सब 85 प्रतिशत व आरक्षण प्राप्त जनप्रतिनिधि और नौकरशाह अगर सुधर जाएं और ठान लें कि हमें शासक खुद बनना है तो आने वाले समय में पूरे देश में 85 प्रतिशत का ही एकक्षत्र राज होगा और वह भी हजारों हजारों वर्षों के लिए। देश शक्ति पार्टी ने भारत के 85 प्रतिशत वर्ग को लोगों को उनके अधिकार बताने और जगाने का संकल्प लिया है जिसके तहत पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों ने गांव गलियों में एक मिशन के रूप में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।
